टीएमसी अगर किसी पार्टी के लिए सिर दर्द बन गई है तो वो देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस है। गोवा और त्रिपुरा में कांग्रेस को तोड़ने के बाद अब ममता बनर्जी की पार्टी ने कांग्रेस शासित प्रदेश पंजाब का रुख किया है।

तृणमूल कांग्रेस ने मंगलवार को पंजाब में जय जवान जय किसान पार्टी (जेजेजेके) के साथ गठबंधन कर लिया। TMC और जेजेजेके ने पंजाब की सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है।

दोनों पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर भी बात हो चुकी है। जय जवान जय किसान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ बलजीत सिंह औलख ने घोषणा कर कहा कि ‘जेजेजेके 87 जबकि टीएमसी 30 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।’ इस दौरान मंच पर टीएमसी के प्रदेश अध्यक्ष मनजीत सिंह भी मौजूद थे।

टीएमसी के प्रदेश अध्यक्ष मनजीत सिंह ने पंजाब में चुनाव प्रचार को लेकर कहा, ”मैं 15 दिसंबर को ममता जी से मिल रहा हूं। उसके बाद वह हमें अपना कार्यक्रम बताएंगी।” इससे स्पष्ट है कि ममता बनर्जी स्वयं चुनाव प्रचार के लिए मैदान में उतरने वाली हैं।

इसके साथ ही गठबंधन के लिए 22 उम्मीदवारों के नाम की भी घोषणा कर दी गयी है।

बता दें कि पंजाब में इस समय अकाली दल, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और भाजपा चुनावी मैदान में हैं। अब टीएमसी की एंट्री पंजाब की जनता के लिए एक और विकल्प के रूप में सामने आई है।

टीएमसी अपनी पकड़ को पंजाब में मजबूत करने के लिए अन्य के दलों के असंतुष्ट नेताओं को अपनी ओर भी कर सकती है। पहले कांग्रेस आंतरिक कलह से जूझ रही है।

यदि विधानसभा चुनावों में 1-2 फीसदी भी वोट ममता बनर्जी की पार्टी हासिल करने में सफल होती है तो इससे कांग्रेस की मुश्किलें खड़ी कर सकती है। पंजाब विधानसभा चुनावों में किस तरह से टीएमसी की एंट्री प्रभाव डालने वाली है ये देखना दिलचस्प होगा।



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