डिजिटल डेस्क, लखनऊ। केंद्र सरकार और ट्विटर  के बीच चल रहे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कू एप पर पहला संदेश भेजा है। सीएम योगी ने लिखा- ‘गाजीपुर में मां गंगा की लहरों पर तैरते संदूक में रखी नवजात बालिका ”गंगा” की जीवन-रक्षा करने वाले नाविक ने मानवता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। नाविक को आभार स्वरूप सभी पात्र सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। प्रदेश सरकार नवजात बच्ची के लालन-पालन का संपूर्ण प्रबंध करेगी।’

दरअसल, केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेफॉर्म्स के लिए मई में नए नियम लागू किए थे, लेकिन ट्विटर ने इन नियमों को अब तक लागू नहीं किया। ऐसे में ट्विटर को भारत में मिलने वाली लीगल प्रोटेक्शन खत्म हो गई है। लीगल प्रोटेक्शन हटने के बाद अब ट्विटर भारतीय कानूनों के दायरे में आ गया है और उसे किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। केंद्रीय कानून मंत्री इस मामले पर ट्विटर के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की है। प्रसाद ने कहा, इस बात को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं कि क्या ट्विटर सेफ हार्बर प्रोविजन का हकदार है। इस मामले का साधारण तथ्य यह है कि ट्विटर मई से लागू हुए दिशानिर्देशों का पालन करने में विफल रहा है।

बता दें कि सोशल मीडिया कंपनियों और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए सरकार फरवरी में नए नियम लेकर आई थी। सभी को नियमों का पालन करने के लिए 25 मई तक का समय दिया गया था। इन नियमों के तहत, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम जैसे सोशल प्लेटफॉर्म्स को भारत में रेसिडेंट ग्रीवेंस ऑफिसर, चीफ कंप्लाइंस ऑफिसर और नोडल कॉन्टैक्ट पर्सन नियुक्त करना था। नए नियमों में ओटीटी और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म को अपनी पूरी जानकारी सार्वजनिक करने के लिए कहा गया है। नए नियमों में कंपनियों से कहा गया है कि उनका शिकायत अधिकारी को 24 घंटे के अंदर शिकायत को सुनना होगा और 14 दिन के अंदर उसका समाधान करना होगा।



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