डिजिटल डेस्क, मुंबई। नेशनल सिक्टोरिटीज़ डिपॉजिटरी लिमिडेट (NSDL) ने तीन फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स (FPI) के एकाउंट फ्रीज़ कर दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि इन तीनों अकाउंट्स के जरिए अडाणी ग्रुप की कंपनियों में भारी निवेश किया गया था। इस खबर के सामने आने के बाद सोमवार सुबह अडाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। कुछ मिनट के अंदर ही इन शेयरों में लोअर सर्किट लग गया। हालांकि दिन का कारोबार खत्म होने तक अडाणी ग्रुप के शेयरों में रिकवरी देखने को मिली। 

द इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ये तीनों अकाउंट अलबुला इनवेस्टमेंट फंड, क्रेस्टा फंड और एपीएमएस इनवेस्टमेंट फंड के है। तीनों खाते मॉरीशस में खोले गए हैं। इन तीनों FPI का अडाणी ग्रुप की कंपनियों में कुल निवेश 43,500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। तीनों FPI खातों के खिलाफ मनी लॉन्डरिंग निरोधक कानून (PMLA) के तहत ये कार्रवाई की गई है। इनमें बेनेफीशियल ओनर यानी खातों से लाभ कमाने वाले मालिकों के बारे में पर्याप्त जानकारी का खुलासा नहीं किया गया था। अकाउंट फ्रीज़ करने की कार्रवाई पिछले महीने की गई थी। हालांकि अडाणी ग्रुप ने इन खबरों को गलत और गुमराह करने वाली बताया है

बता दें कि अडाणी ग्रुप के शेयरों की कीमतों में पिछले एक साल में जबरदस्त उछाल आया है। अडाणी एंटरप्राइजेज का शेयर जून 2020 से अब तक 857 फीसदी बढ़ा है। जबकि अडाणी ट्रांसमिशन के शेयर में 625 फीसदी और अडाणी ग्रीन के शेयर में 234 फीसदी की बढ़त देखी गई है। पावर ट्रांसमिशन के बिजनेस में सक्रिय कंपनी अडाणी पावर के शेयरों में पिछले एक साल के दौरान 275 फीसदी की बढ़त देखी गई है। अडाणी टोटल गैस के शेयर इस साल अब तक 324 फीसदी बढ़े हैं।

शेयर में आई तेजी की वजह से एक साल में अडाणी की दौलत 43.2 अरब डॉलर बढ़ी, जिससे उनकी कुल नेटवर्थ 77 अरब डॉलर पर जा पहुंची। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स में अडाणी को दुनिया का 14वां सबसे दौलतमंद शख्स माना गया है। अडाणी ग्रुप के प्रमुख गौतम अडाणी को हाल ही में मुकेश अंबानी के बाद एशिया का दूसरा सबसे रईस अरबपति घोषित किया गया था।



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