डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में मंगलवार को जोरदार हंगामा देखने को मिला। बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता शाहबाज शरीफ ने बोलना शुरू किया और देखते ही देखते सदन में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के सांसद नारेबाजी करने लगे। विपक्षी सांसद और सरकारी खेमे ने एक-दूसरे पर बजट की कॉपियां फेंकी। स्पीकर असद कैसर टोकते रहे लेकिन शोरगुल कम नहीं हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियोज में नेता गाली-गलौच भी करते दिख रहे हैं।

दरअसल, बजट प्रस्ताव पर चर्चा के लिए मंगलवार को विशेष बैठक बुलाई गई थी। शुक्रवार को वित्त मंत्री शौकत तरीन ने बजट पेश किया था। इमरान सरकार को अभी तीन साल हुए हैं और शौकत उनके चौथे फाइनेंस मिनिस्टर हैं। शौकत और उनके भाई जहांगीर तरीन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। विपक्ष का आरोप है कि शौकत और जहांगीर को इसलिए बचाया जा रहा क्योंकि वे इमरान के करीबी हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जैसे ही पीएमएल-एन के अध्यक्ष शाहबाज शरीफ ने बोलना शुरू किया, ट्रेजरी मेंबरों ने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। पीटीआई के एमएनए ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री को घेर लिया। इसके बाद पीएमएल-एन के सांसदों और अन्य विपक्षी सदस्यों ने शाहबाज शरीफ के चारों ओर एक सुरक्षा घेरा बना लिया। जैसे ही शरीफ ने सरकार को निशाने पर लिया, हंगामा तेज हो गया। 

शरीफ से पूछा, इमरान खान नियाज़ी ने 10 मिलियन नौकरियों का वादा किया था। वे नौकरियां कहां हैं?  300 बिलियन डॉलर कहां हैं जिन्हें विदेशों से देश में वापस लाया जाना था? सरकार पर लगातार हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से भ्रष्टाचार को खत्म करने के पीएम इमरान खान के दावे खोखले थे। उन्होंने सरकार के बजट की आलोचना करते हुए कहा कि यह बढ़ती बेरोजगारी और मुद्रास्फीति के बीच जनता को राहत देने में विफल रहा है। 

इस दौरान स्पीकर असद कैसर बीच-बचाव करते रहे, उन्होंने सांसदों से अनुरोध किया कि वे विपक्ष के नेता के बोलने के दौरान चिल्लाने से परहेज करें। हालांकि, किसी ने भी स्पीकर की बात नहीं सुनी और विपक्ष के नेता ने हेडफोन लगाकर अपना भाषण देते रहे। शाहबाज ने कहा कि उनके भाई, पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की सरकार के दौरान, पाकिस्तान ने देश भर में बिजली संयंत्र स्थापित किए और लोडशेडिंग की समस्या को समाप्त किया। उन्होंने कहा कि देश तब आर्थिक समृद्धि की ओर बढ़ रहा था, जबकि अब सब कुछ गिर रहा है, यहां तक ​​कि प्रति व्यक्ति आय भी।

इसके बाद सरकार और विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए। इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ की महिला सांसद मलेका बुखारी इस हंगामें में घायल भी हुई।

एक वीडियो क्लिप में प्रधानमंत्री के विशेष सहायक अली नवाज अवान को अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते देखा जा सकता है। एक महिला विधायक ने पीटीआई एमएनए को विधायकों के ग्रुप से दूर खींचने की कोशिश की, जो एक-दूसरे को धक्का दे रहे थे। वीडियो में उन्हें पीएमएल-एन नेता पर एक बुकलेट फेंकते और गुस्से में चिल्लाते हुए देखा जा सकता है। फेडरल मिनिस्टर शाह महमूद कुरैशी और फवाद चौधरी भी अपनी सीटों पर खड़े नजर आए। एक अन्य मंत्री, अली अमीन गंडापुर को एक अन्य वीडियो क्लिप में विपक्षी सांसदों के साथ शब्दों का आदान-प्रदान करते देखा जा सकता है।

हालांकि अवान का वीडियो वायरल होने के बाद, पीटीआई नेता ने ट्विटर पर एक खंडन पोस्ट किया। एक वीडियो शेयर किया जिसमें कुछ पीएमएल-एन सांसदों को सरकार के खिलाफ अपमानजनक नारे लगाते हुए सुना जा सकता है। अवान ने ट्वीट किया, मेरा एक वीडियो क्लिप आज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। हालांकि, इस वीडियो में तस्वीर का दूसरा पक्ष स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। पीएमएल-एन के सांसदों ने हमारे एमएनए को गाली देना और धक्का देना शुरू कर दिया था। अवान ने कहा कि उनकी प्रतिक्रिया पीएमएल-एन सांसदों के आक्रामक व्यवहार पर थी।

सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने एक और वीडियो क्लिप ट्वीट किया जिसमें पीएमएल-एन एमएनए अली गोहर बलूच को सरकार के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते देखा जा सकता है। उन्होंने कहा, अली गोहर बलूच के इन [आपत्तिजनक] नारों के कारण लड़ाई शुरू हुई। उन्होंने कहा, परिणामस्वरूप, पीटीआई के “युवा सांसद” बह गए और इसलिए, बजट की प्रतियां एक दूसरे पर फेंकी गईं।





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