डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भगवान श्री गणेश को विघ्नहर्ता के नाम से जाना जाता है और बुधवार का दिन इनकी पूजा के लिए विशेष माना जाता है। माना जाता है कि जो भी सच्चे मन से श्री गणेश की आराधन करता है, उसे इसका शुभफल जल्द ही मिलता है। गणेश पूजा से सुख, समृद्धि और यश प्राप्त होता है। बता दें कि हिंदी पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महीने में दो चतुर्थी पड़ती है। इस दिन को गणेश चतुर्थी के रूप में पूजा जाता है। ज्येष्ठ माह में गणेश चतुर्थी का व्रत सोमवार 14 जून को पड़ रहा है। 

मान्यता के अनुसार, विनायक चतुर्थी व्रत से भगवान श्री गणेश की कृपा और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। इसलिए इस दिन कई लोग व्रत रखते हैं और मंगल कामना करते हैं। आइए आज जानते हैं विनायक चतुर्थी पूजा विधि और शुभ मुहूर्त…

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मुहूर्त
चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 13 जून 2021, रात्रि 09 बजकर 40 मिनट से
चतुर्थी तिथि समाप्त: 14 मई 2021, रात्रि 10 बजकर 34 मिनट तक

पूजा की सामग्री
पूजा के लिए लाल कपड़ा, लकड़ी की चौकी, गणेश प्रतिमा, कलश, पंचामृत, रोली, अक्षत्, कलावा, जनेऊ, गंगाजल, लौंग, इलाइची, चांदी का वर्क, नारियल, सुपारी, पंचमेवा, घी, मोदक और कपूर रखें।

पूजा की विधि
– सूर्योदय से पूर्व उठकर नित्यक्रमादि से निवृत्त होकर स्नान करें।
– सूर्यदेव को जल दें और व्रत का संकल्प लें।
– पूजा के लिए लाल रंग के वस्त्र धारण करें। 
– श्री गणेश प्रतिमा स्थापित करें। 
– इसके बाद श्री गणेश की मूर्ति पर सिन्दूर चढ़ाएं।

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– ॐ गं गणपतयै नम:’ बोलते हुए 21 दूर्वादल चढ़ाएं।
– श्री गणेश को बूंदी के 21 लड्डुओं का भोग लगाएं।
– श्री गणेश की आरती करें। 
– पूजन के समय श्री गणेश स्तोत्र, अथर्वशीर्ष, संकटनाशक गणेश स्त्रोत का पाठ करें।
 



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