श्रीनगर में हुए आतंकी हमले के बाद अब राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। हमले की सूचना आने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया कि पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले की जानकारी मांगी है। उन्होंने हमले में शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों के परिवारों के प्रति भी संवेदना व्यक्त की है। दूसरी तरफ श्रीनगर आतंकी हमले पर नेकां प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है। मैं शहीद हुए जवानों के निधन पर शोक व्यक्त करता हूं। मैं सरकार से गुजारिश करता हूं कि अगर इन चीजों को खत्म करना है तो दिल जीतने की बात करें। अगर वे दिल जीत लेते हैं, तो ये चीजें नहीं होंगी। नेकां प्रमुख फारूक अब्दुल्ला से जब पूछा गया कि क्या जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों के बीच पाकिस्तान के साथ बातचीत करना संभव है तो उन्‍होंने कहा कि जब आप चीन से बात कर सकते हैं जो हमारे क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, जिसने जवानों को मार डाला। आप उनसे क्यों नहीं लड़ते? आप चीन से बात कर सकते हैं लेकिन पाकिस्‍तान से क्‍यों नहीं कर सकते।

इधर, जम्मू-कश्मीर लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर पुलिस की बस पर कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हैं। हमारे वीर शहीद पुलिस कर्मियों को मेरी श्रद्धांजलि। हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि अपराधियों को सजा मिले। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना है।

गौरतलब है कि सोमवार शाम को आतंकियों ने श्रीनगर के प्रवेशद्वार पंथाचौक में जम्मू-कश्मीर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों को लेकर जा रही बस पर हमला कर दिया। इस हमले में जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर समेत दो पुलिसकर्मी बलिदानी हो गए। 12 अन्य पुलिसकर्मी जख्मी भी हुए हैं, जिनमें से दो की हालत चिताजनक बनी हुई है। हमलावर आतंकियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने सेना और सीआरपीएफ के जवानों के साथ मिलकर पूरे इलाके की घेराबंदी करते हुए तलाशी अभियान चलाया है।

Posted By: Navodit Saktawat

 





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