रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सीडीएस बिपिन रावत के सरकारी आवास पर पहुंचे और वहां से निकलकर अब वे संसद के लिए रवाना हो गए हैं। वहां वे आर्मी के हेलीकाप्‍टर क्रैश पर बयान देंगे। इस हेलीकाप्‍टर में सीडीएस जनरल बिपिन रावत समेत कुल 14 लोग सवार थे। इनमें उनकी पत्‍नी भी शामिल थीं। मीडिया रिपोर्ट में अब तक इस हादसे में शिकार हुए 11 शवों की पहचान कर ली गई है। पूरे देश की नजरें इस वक्‍त रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर लगी हैं। फिलहाल वो साउथ ब्‍लाक में सेना के अधिकारियों से इस बारे में पूरी जानकारी ले रहे हैं। इस बीच वायु सेना प्रमुख हादसे की जगह का मुआयना करने के लिए दिल्‍ली से निकल चुके हैं।

पूरा देश आज एक बड़े हादसे की खबर से गमगीन है। पहाड़ी नीलगिरी जिले में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 12 अन्य सैन्य कर्मियों को ले जा रहे भारतीय सेना के एमआई-सीरीज हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद अब तक चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 लोगों को बचाया गया है। आज तमिलनाडु के कोयंबटूर और सुलूर के बीच कथित तौर पर घने कोहरे के बाद कम दृश्यता के कारण वन क्षेत्र में हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जिस समय यह हादसा हुआ तब थल सेनाध्‍यक्ष जनरल मुकुंद नरवाणे मप्र में महू के सेना मुख्‍यालय पर एक काफ्रेंस में भाग ले रहे थे। सूचना मिलते ही वे तुरंत रवाना हो गए।

हालांकि जनरल रावत की हालत के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। इस बीच, IAF ने दुर्घटना में कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दिया है, जिसमें एक Mi-17VH हेलिकॉप्टर शामिल है, जो पास के कोयंबटूर में सुलूर IAF स्टेशन से लिया गया था। हेलिकॉप्टर सुलूर IAF बेस से वेलिंगटन में डिफेंस सर्विसेज कॉलेज (DSC) की ओर जा रहा था, जब यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। भारी धुंध के बीच नानजप्पनचथिराम इलाके में दुर्घटना हुई और शुरुआती दृश्यों में हेलीकॉप्टर को आग की लपटों में दिखाया गया।

Posted By: Navodit Saktawat

 





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