बिहार (Bihar) में पंचायत चुनाव (Bihar Panchayat Election) के 11वें और अंतिम चरण के लिए रविवार को मतदान सम्पन्न हुए। इस दौरान बोगस वोट डलवाने के आरोप में जमकर बवाल काटा। भीड़ ने बूथ केंद्र पर EVM सहित अन्य उपकरण को भी तोड़ दिया। इस भीड़ का शिकार पुलिस और मजिस्ट्रेट भी हो गए। इस मामले में दरभंगा पुलिस (olice)ने मुखिया उम्मीदवार वीरेंद्र चौपाल और अन्य 6 को गिरफ्तार भी कर लिया है जबकि दो अन्य आरोपी फरार हैं।

दरअसल, दरभंगा (Darbhanga) जिले के कुशेश्वरस्थान प्रखंड के चिगरी सिमराहा पंचायत के चिगरी गाँव में 11 वें और अंतिम चरण के लिए मतदान हो रहे थे। इस दौरान बोगस वोटिंग की जानकारी मिलते ही जिला मजिस्ट्रेट ने बूथ संख्या 151 व 152 पर हुए मतदान को रद्द करने का निर्णय लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आक्रोशित भीड़ ने मजिस्ट्रेट को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और पुलिस बल का भी घेराव कर लिया। इस घटना के दौरान चार लोग घायल हुए हैं।

दरभंगा के एसएसपी बाबू राम ने इस घटना की पुष्टि की और कहा कि ‘मतदान के दौरान उपस्थित पदाधिकारी और पुलिसकर्मियों पर हमले हुए हैं। इसके साथ ही चुनाव सामग्री को भी क्षति पहुंचाई गई है। इस मामले का मुख्य आरोपी मिथिलेश यादव और उसकी पत्नी हंगामे के बाद से फरार है और हम उसकी गिरफ़्तारी के लिए छापेमारी कर रहे हैं।’

एसएसपी बाबू राम ने आगे कहा कि ‘तिलकेश्वर के ओपी प्रभारी की भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है। वहीं इस हंगामे के आरोप में मुखिया उम्मीदवार वीरेंद्र चौपाल के अलावा अन्य 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।’

गिरफ्तार को हुए लोगों को छुड़वाने के लिए उनके रिश्तेदारों ने भी हंगामा काटा। इन लोगों ने दरभंगा के ठिठर चौक पर पुलिस का घेराव तक किया। हालांकि, पुलिस ने

बता दें कि अब ये मतदान 14 दिसम्बर को फिर से होंगे जो सुबह सात बजे से शुरू होगा।



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