Updated: | Mon, 28 Jun 2021 12:56 PM (IST)

नई दिल्ली Conversion law । उत्तरप्रदेश के बाद अब जम्मू कश्मीर में भी धर्मांतरण कराने वाले रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद धर्मातरण कानून (Conversion law) एक बार फिर चर्चा में है। उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद में अवैध तरीके से धर्म बदलने के आरोप में उप्र पुलिस ने दो लोगों को भी गिरफ्तार किया है और उनके इस रैकेट के बारे में कड़ी पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में इस्लामिक देशों से अवैध तरीके से मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी सामने आया है। इस खुलासे के बाद अब कश्मीर में सिख समुदाय की दो लड़कियाें को कथित तौर पर अगवा कर उनका धर्मांतरण करने का मामला सामने आया है। इससे सिख समुदाय में भारी आक्रोश भड़क गया है। इस पूरे विवाद के बीच एक बार फिर Conversion law चर्चा में है। धर्मांतरण कानून की बात की जाए तो अभी तक देश में 9 राज्य इस संबंध में कानून बना चुके हैं।

ओडिशा ने बनाया था सबसे पहले Conversion law

देश में सभी राज्यों में से ओडिशा ने सबसे पहले धर्मांतरण पर कानून बनाया था। ओडिशा ने साल 1967 में सबसे पहले अवैध तरीके से धर्म बदलवाने पर कानून बनाया था। ओडिशा में बनाए गए कानून के उल्लंघन पर 1 साल की सजा 5000 रुपए जुर्माना का प्रावधान है। इसके अलावा एससी-एसटी मामले में 2 साल सजा और 10 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान है।

देश के इन राज्यों में धर्मांतरण पर कानून व सजा

मध्य प्रदेश

कानून निर्माण वर्ष – 1968

सजा – 1 साल की सजा, 5000 रुपए जुर्माना, एससी-एसटी मामले में 2 साल सजा या 10 हजार रुपए जुर्माना

अरुणाचल प्रदेश

कानून निर्माण वर्ष – 1978

सजा – 2 साल की सजा और 10000 रुपए जुर्माना, एससी-एसटी मामले में 2 वर्ष की सजा और 10 हजार रुपए जुर्माना

छत्तीसगढ़

कानून निर्माण वर्ष – 2006

सजा – 3 साल की सजा 20000 रुपए जुर्माना, अनुसूचित जाति व जनजाति के केस में 4 साल की सजा और 20 हजार रुपए जुर्माना

गुजरात

कानून निर्माण वर्ष – 2003

सजा – 3 साल की सजा और 50000 रुपए तक जुर्माना, एससी-एसटी केस में 4 साल सजा और 1 लाख रुपए जुर्माना

हिमाचल प्रदेश

कानून निर्माण वर्ष – 2019

सजा – हिमाचल प्रदेश में कानून के उल्लंघन पर 1 – 5 साल तक की सजा का प्रावधान है, वहीं अनुसूचित जाति व जनजाति के मामले में 2 – 7 साल तक की सजा का प्रावधान है।

झारखंड

कानून निर्माण वर्ष – 2017

सजा – झारखंड में धर्मांतरण कानून के उल्लंघन पर 3 साल की सजा और 50000 रुपए जुर्माना का प्रावदान है। इसके अलावा एससी-एसटी मामले में 4 साल सजा और 1 लाख रुपए जुर्माना का प्रावधान है।

उत्तराखंड

कानून निर्माण वर्ष – 2018

सजा – उत्तराखंड में 1 – 5 साल तक की सजा और एससी-एसटी मामले में 2 – 7 साल तक की सजा का प्रावधान है।

उत्तरप्रदेश

कानून निर्माण वर्ष – 2020

सजा – उत्तरप्रदेश में सबसे अधिक धर्मातरण के मामले सामने आते हैं। यहां धर्मातरण कानून का उल्लंघन करने पर 1 – 5 साल तक की सजा, 15 हजार रुपए या उससे ज्यााद का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा अनुसूचित जाति व जनजाति के मामले में 2 – 10 साल तक की सजा, 25 हज़ार या उससे ज्यााद का जुर्माना हो सकता है।

Posted By: Sandeep Chourey

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