नई दिल्ली. माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर (Twitter) ने शनिवार को दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) को बताया कि वो एक रेजिडेंट ग्रीवांस ऑफिसर (Resident Grievance Officer) की नियुक्ति के अंतिम चरण में हैं. इससे पहले ट्विटर के अंतरिम अधिकारी ने 21 जून को इस पद से इस्तीफा दे दिया था.

धर्मेंद्र चतुर के इस्तीफा देने के बाद ट्विटर ने कैलिफोर्निया के जेरेमी केसल को भारत का नया शिकायत अधिकारी नामित किया था. मगर नए आईटी नियमों के अनुसार शिकायत निवारण अधिकारी सहित सभी नोडल प्राधिकरण भारत के ही होने चाहिए और जेरेमी केसल कैलिफोर्निया से आते हैं.

ट्विटर ने कोर्ट को बताया, “हम एक रेजिडेंट ग्रीवांस ऑफिसर की नियुक्ति के अंतिम चरण में हैं. अंतरिम रेजिडेंट शिकायत अधिकारी ने 21 जून को अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी.”

केंद्र ने ट्विटर पर जानबूझकर अवज्ञा करने और भारत के नए आईटी नियमों का पालन करने में फेल होने के साथ-साथ जरूरी अधिकारियों को नियुक्त करने में विफल रहने का भी आरोप लगाया है, जिसके परिणामस्वरूप इसका सेफ गॉर्ड भी वापस ले लिया गया था.

नए आईटी नियमों के अनुसार इनकी नियुक्ति जरूर

प्लेटफॉर्म के खुलेआम दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से आईटी नियमों के अनुसार, प्रमुख सोशल मीडिया मीडिएटर को एक मुख्य अनुपालन अधिकारी, एक नोडल अधिकारी और एक शिकायत अधिकारी को नियुक्त करना चाहिए, जो सभी भारतीय निवासी होने चाहिए. यदि ये प्लेटफ़ॉर्म डिजिटल नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो वे अपनी मध्यस्थ स्थिति खो देंगे, जो उन्हें उनके द्वारा होस्ट किए जाने वाले किसी भी थर्ड पार्टी डेटा के दायित्व से बचाता है. ट्विटर ने पहले भारत में एक मध्यस्थ के रूप में अपनी कानूनी ढाल खो दी थी और अब किसी भी गैरकानूनी कंटेंट को पोस्ट करने वाले यूजर्स के लिए उत्तरदायी है.

फेसबुक गूगल की रिपोर्ट से ट्टिटर पर बढ़ेगा दबाव

शनिवार को नए आईटी नियमों के तहत गूगल, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म द्वारा आपत्तिजनक पोस्ट स्वत: हटाने पर अपनी पहली कम्पलाइंस रिपोर्ट पब्लिश कर दी. जिसकी तारिफ आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने भी की. उन्होंने इसे इसे पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम बताया. वहीं फेसबुक और गूगल द्वारा कम्पलाइंस रिपोर्ट पब्लिश करने के बाद ट्टिटर पर भी इसके लिए दबाव बढ़ेगा क्योंकि नए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों के तहत 50 लाख से अधिक यूजर्स वाले बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म को हर महीने कम्पलाइंस रिपोर्ट प्रकाशित करनी होगी जिसमें प्राप्त शिकायतों और उन पर की गयी कार्रवाई का उल्लेख हो.





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