नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ( Mamata Banerjee Mumbai Visit ) मंगलवार से तीन दिवसीय मुंबई दौरे पर रहेंगी। दरअसल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जीत के बाद ममता बनर्जी पार्टी विस्तार में जुटी हैं। यही नहीं इसके साथ ही टीएमसी ( TMC ) चीफ विपक्षी दलों के नेतृत्व का मन भी बना रही है। यही वजह है कि उनके मुंबई ( Mumbai ) दौरे को इसी कड़ी का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

ममता बनर्जी अपने तीन दिवसीय दौरे के बीच सिद्धी विनायक मंदिर में दर्शन करने के साथ ही शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ( Uddhav Thackeray ) और राष्ट्रवादी कांग्रेस चीफ शरद पवार ( Sharad Pawar ) से मुलाकात करेंगी।

यह भी पढ़ेँः Parliament Winter Session: 12 सांसदों के निलंबन पर विपक्षी दलों ने बुलाई बैठक, ले सकते हैं बड़ा फैसला

ममता बनर्जी 30 नवंबर से 2 दिसंबर तक मुंबई दौरे पर हैं। इस दौरान वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(एनसीपी) के शरद पवार से भी मुलाकात करेंगी।

बताया जा रहा है अपने अहम दौरे के बीच दीदी एक दिसंबर यानी बुधवार को मुंबई के कुछ बड़े उद्योगपतियों से भी मुलाकात कर सकतीं हैं।

ममता बनर्जी की उद्योगपतियों से होने वाली मुलाकात का उद्देश्य पश्चिम बंगाल में निवेश को बढ़ाना बताया जा रहा है।

MVA में कांग्रेस से बनाई दूरी

महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी के गठबंधन वाली सरकार है। ममता बनर्जी अपने दौरे के बीच इस गठबंधन के तीन दलों में से दो दलों के प्रमुखों से मुलाकात करने वाली हैं। इसमें शिवसेना प्रमुख ठाकरे और एनसीपी प्रमुख शरद पवार शामिल है। ममता ने इस दौरे पर कांग्रेस से दूरी बनाए रखने का मन बनाया है।

दरअसल इससे पहले दिल्ली दौरे पर भी ममता बनर्जी ने कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी से मुलाकात नहीं की थी। जब उनसे इस बारे में पूछा गया था तो दीदी ने जवाब दिया था कि ऐसे किसी संविधान में लिखा है कि दिल्ली आएं तो सोनिया गांधी से मिलना जरूरी है।

यह भी पढ़ेँः फिर झुकी सरकारः कहा पराली जलाना अपराध नहीं, कृषि मंत्री ने बताया कैसे निपटेंगे किसानों के खिलाफ दर्ज मामले

ममता के तेवरों से साफ है कि वो अब बंगाल में बीजेपी पर जीत के जादू को बरकरार रखते हुए इसे विपक्ष दलों का नेतृत्व करने में तब्दील करने के मूड में दिख रही हैं।

इसके लिए वे ना सिर्फ पार्टी विस्तार में जुटी हैं बल्कि अन्य विपक्षी दलों को अपने पक्ष में करने की ओर भी कदम बढ़ा रही हैं।



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here