Publish Date: | Sat, 26 Jun 2021 09:42 PM (IST)

मौसम विभाग का कहना है कि पछुआ हवाओं ने मानसून का रास्ता रोक लिया है, जिससे बादलों की रफ्तार थमी है। इन क्षेत्रों में मानसून के पहुंचने में अभी एक सप्ताह का समय और लग सकता है। देश के पूर्वी क्षेत्रों को छोड़कर बाकी हिस्से में भी मानसून की रफ्तार थमी रहेगी। दक्षिण व पश्चिमी राज्यों में भी मानसून की बारिश जुलाई के पहले सप्ताह के बाद ही गति पकड़ेगी। चालू सीजन में दक्षिण-पश्चिम मानसून निर्धारित समय से पहले ही देश के 80 फीसद हिस्सों में जमकर बरस गया है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय कारकों की वजह से दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में तेज हवाओं के साथ अंधड़ चल सकता है। बादलों में चमक, गर्जना और कहीं-कहीं छिटपुट बारिश भी हो सकती है। लेकिन मानसून की बारिश आने में अभी कम से कम एक सप्ताह का समय लग सकता है। हालांकि हिमालय से लगे राज्यों के साथ उत्तर बिहार, उत्तर प्रदेश के उत्तरी इलाके, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में एक और दो जुलाई को मूसलाधार बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यहां की प्रमुख नदियों में बाढ़ की स्थिति बन सकती है। दिल्ली और एनसीआर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में मानसून की बेरुखी अब भारी पड़ने लगी है। हवा में नमी और गरमी से बढ़ी उमस ने जहां लोगों को पसीने से तर-बतर कर रखा है, वहीं मानसून की बारिश पर निर्भर खरीफ खेती भी प्रभावित होने लगी है।

Posted By: Navodit Saktawat

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