डिजिटल डेस्क, सैन फ्रांसिस्को। कैलिफोर्निया के अपशिष्ट जल के सैपल के परीक्षण के परिणाम से ओमिक्रॉन वेरिएंट के बारे में एक चौकाने वाले तथ्य का पता चला है। दरअसल इस परीक्षण से पता चला है कि जब विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने ओमिक्रॉन को वेरिएंट ऑफ कंसर्न करार दिया था, उससे पहले ही यह इस अमेरिकी राज्य में मौजूद था। कैलिफोर्निया डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक हेल्थ ने लॉस एंजिल्स टाइम्स को एक बयान में कहा, 25 नवंबर को मेरेड काउंटी में एकत्र किए गए अपशिष्ट जल के नमूने में ओमिक्रॉन वेरिएंट का पता चला था।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने द लॉस एंजिल्स टाइम्स के हवाले से कहा कि दक्षिण अफ्रीका द्वारा डब्ल्यूएचओ को वेरिएंट की सूचना देने के एक दिन बाद, और एजेंसी द्वारा ओमिक्रॉन को वेरिएंट ऑफ कंसर्न घोषित करने के एक दिन पहले इसकी जानकारी मिली थी। लॉस एंजिल्स टाइम्स ने कहा कि यह खोज हाल के हफ्तों में वैज्ञानिकों द्वारा की गई टिप्पणियों को पुष्ट करती है कि ओमिक्रॉन के बारे में जानकारी के अस्तित्व में आने से पहले ही ओमिक्रॉनतेजी से दुनिया भर में फैल रहा था। महामारी के रुझान को ट्रैक करने के लिए कोरोनावायरस से संबंधित कणों के लिए अपशिष्ट जल के नमूने का उपयोग किया जा रहा है।

राज्य में वैज्ञानिकों के समूह कोविड के नमूनों के लिए अपशिष्ट जल की निगरानी कर रहे हैं, जिसमें स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय, कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय (यूसी) बर्कले, यूसी डेविस, यूसी मर्सिड, यूसी सैन डिएगो और राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हैं। पिछले हफ्ते, स्वास्थ्य अधिकारियों ने घोषणा की कि सैन फ्रांसिस्को में कोरोनवायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट के पहले अमेरिकी मामले का पता चला था। वह व्यक्ति एक यात्री था जो 22 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका से लौटा था। कैलिफोर्निया के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि राज्य में अब तक ओमिक्रॉन वेरिएंट से जुड़े 13 पुष्ट मामले सामने आए हैं।

रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के नवीनतम अपडेट के अनुसार, अब तक, कुल 22 अमेरिकी राज्यों ने ओमिक्रोन कोविड -19 वेरिएंट के मामलों की पहचान की है, जिनमें कुछ ऐसे हैं जो सामुदायिक प्रसारण का संकेत देते हैं।

(आईएएनएस)



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here