Updated: | Tue, 29 Jun 2021 01:07 PM (IST)

Panchak Alert: अगर आप किसी भी काम की शुरूआत करना चाहते हैं और उसकी सफलता के लिए प्रयास कर रहे हैं तो इसके लिए जरूरी है कि सबसे पहले आप शुभमुहूर्त देखें। हिन्दू धर्म में किसी भी मांगलिक कार्य की शुरूआत शुभ मुहूर्त में ही की जाती है। ज्योतिष के अनुसार ग्रह नक्षत्र की चाल हमेशा बदलती रहती है और पल-पल में मुहूर्त भी बदलते रहता है ऐसे में अगर आपने मांगलिक कार्य की शुरूआत गलत मुहूर्त में कर दी तो उसका असफल होना तय है। अंजाने में हम अगर किसी मांगलिक कार्य की शुरूआत पंचक में कर देते हैं तो इससे कई तरह के अशुभ फल की प्राप्ति होती है। इसलिए जरूरी है कि हमें इस बात का ज्ञान हो कि आने वाले समय में कब-कब पंचक लग रहा है एवं पंचक से जुड़ी सारी जरूरी बातें हमें पता होनी चाहिए।

पंचक क्या है और यह कैसे लगता है

हिन्दू धर्म में ज्योतिषशास्त्र के अनुसार पंचक का बहुत महत्व होता है यह वह समय होता है जब इस दौरान किसी भी मांगलिक कार्य की शुरूआत वर्जित मानी जाती है। दरअसल पंचक पांच नक्षत्रों के मेल से निर्मित होने वाला एक प्रकार का योग है। यह हर माह धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र की गणना से बनता है। पंचक का स्वामी मीन और कुंभ राशि को माना गया है। जिस समय चंद्रमा मीन व कुंभ राशि से होकर गुजरता है उसी समय को पंचक माना जाता है जो कि अशुभ फल प्रदाता होता हैं इसलिए इस दौरान किसी भी प्रकार का शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।

पंचक कितने प्रकार के होते हैं?

अब तक इतना तो आप जान ही गए हैं कि पंचक में किसी भी प्रकार का शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। अगर आप भूल से भी कोई कार्य शुरू कर देते हैं तो उसका आपको अशुभ परिणाम ही मिलेगें। पंचक मूलतः 5 प्रकार के होते हैं और यही वजह है कि इसे पंचक कहा जाता है।

  1. रोग पंचक- रविवार के दिन से रोग पंचक की शुरूआत होती है। इसमें 5 दिनों तक जातक को शारीरिक व मानसिक रूप से यातनाएं सहनी पड़ती हैं। इसका मतलब यह है कि इस दौरान स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
  2. नृप पंचक- सोमवार के दिन से नृप पंचक की शुरूआत होती है। इस पंचक को लेकर ऐसा कहा जाता है कि यह करियर पर घात लगाता है अर्थात यदि नयी नौकरी की शुरूआत हो रही है तो यह समय उसके लिए बेहद ही अशुभ है।
  3. चोर पंचक- शुक्रवार के दिन से चोर पंचक की शुरूआत होती है। इस दौरान आर्थिक नुकसान, व्यावसायिक लेन-देन में हेराफेरी आदि समस्याओं से जूझना पड़ता है। ऐसा कहा जाता है कि इस समय किसी भी प्रकार की यात्रा करने से बचना चाहिए।
  4. मृत्य पंचक- शनिवार के दिन से इस पंचक की शुरूआत होती है। ऐसा कहा जाता है कि इस दौरान कोई भी जोखिम भरे कार्य कतई नहीं करना चाहिए। विवाह जैसे कार्य करने से जान माल के नुकसान का खतरा बना रहता है।
  5. अग्नि पंचक- मंगलवार के दिन से अग्नि पंचक की शुरूआत होती है। इस पंचक को लेकर ऐसा माना जाता है कि इस दौरान गृह प्रवेश, घर निर्माण, दूसरे घर में शिफ्ट करने जैसे कार्य नहीं करना चाहिए। हालाकि न्यायालय संबधी कार्य किए जा सकते हैं।

कब है पंचक

अब तक हमने पंचक से जुड़ी समस्त जरूरी जानकारी प्राप्त कर ली है और यह भी जान लिया है कि किस दिन कौन सा पंचक लगता है और उससे किस क्षेत्र में नुकसान की संभावना ज्यादा होती हैं। लेकिन अब सबसे जरूरी बात यह है कि अब आप यह जान लें कि वर्ष 2021 में कब-कब पंचक लगने जा रहा है। क्योंकि पंचक की तारीख ज्ञात होने से आप इसके अशुभ प्रभाव से बच सकते हैं। चलिए अब जानते है भविष्य में लगने वाले पंचक के बारे में।

  • 28 जून 2021 से 03 जुलाई 2021 तक लगेगा।
  • 25 जुलाई 2021 से 30 जुलाई 2021 तक लगने वाला है।
  • 22 अगस्त 2021 से 26 अगस्त 2021 तक लगने वाला है।
  • 18 सितंबर 2021 से 23 सितंबर 2021 तक लगने वाला है।
  • 15 अक्टूबर 2021 से 20 अक्टूबर 2021 तक लगने वाला है।
  • 12 नवंबर 2021 से 16 नवंबर 2021 तक लगने वाला है।
  • 09 दिसंबर 2021 से 14 दिसंबर 2021 तक लगने वाला है।

Posted By: Arvind Dubey

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