Updated: | Sun, 04 Jul 2021 08:04 AM (IST)

Top News July 4, 2021: जम्मू-कश्मीर में ड्रोन वाली साजिश जारी है। ताजा खबर के मुताबिक, बीती रात जम्मू-कश्मीर के सांबा में ड्रोन दिखाई दिया। माना जा रहा है यह ड्रोन आर्मी स्टेशल की रैकी करने के लिए भेजा गया था। इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सेना को अलर्ट पर रखा गया है। पिछले दिनों जम्मू के टेक्निकल एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन हमले के बाद ड्रोन दिखाई देने की यह 14वीं घटना है। जम्मू के टेक्निकल एयरपोर्ट मामले में एनआईए की जांच जारी है, जिसके तार पाकिस्तान से जुड़ते दिख रहे हैं। जिस दिन जम्मू के टेक्निकल एयरपोर्ट पर हमले को अंजाम दिया गया, उसी समय इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के ऊपर भी ड्रोन जासूसी कर रहा था।

Top News July 4, 2021: पढ़िए देश दुनिया की अन्य अहम खबरें

डकैती कांड में किसी भी जांच का सामना करने को तैयार : सुरेंद्रन

कोझिकोड : केरल भाजपा अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने शनिवार को कहा कि वह किसी भी जांच में शामिल होने से भयभीत नहीं हैं, बल्कि अभी तक यह तय नहीं कर पाए हैं कि कोडकरा हाईवे डकैती कांड की जांच कर रही विशेष जांच समिति (एसआइटी) के सामने उपस्थित हों अथवा नहीं। सुरेंद्रन ने कहा कि उन्हें जांच समिति के सामने उपस्थित होने के लिए शुक्रवार को नोटिस मिला है। कोडकरा हाईवे डकैती कांड गत विधानसभा चुनाव में कथित तौर पर हवाला के पैसे के इस्तेमाल से संबंधित है।

केरल के कांग्रेस नेताओं को लक्षद्वीप जाने की नहीं मिली अनुमति

कोच्चि : लक्षद्वीप प्रशासन ने शनिवार को केरल के कांग्रेस सांसद टीएन प्रथापन व आल इंडिया फिशरमैन कांग्रेस पार्टी के विधि सलाहकार सीआर राकेश शर्मा को द्वीप में आने की अनुमति देने से इन्कार कर दिया। अतिरिक्त जिलाधिकारी एस. अस्कर अली ने अपने आदेश में कहा कि नेताओं की राजनीतिक गतिविधियों के कारण द्वीप की शांति बाधित हो सकती है। राजनीतिक कार्यक्रमों के कारण कोविड के प्रसार का भी खतरा है। बता दें कि लक्षद्वीप में प्रशासनिक सुधारों का स्थानीय लोगों का एक वर्ग विरोध कर रहा है।

आवश्यक रक्षा सेवा अध्यादेश वापस लेने की मांग

नई दिल्ली : मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्यसभा सदस्य ई. करीम ने शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर आवश्यक रक्षा सेवा अध्यादेश 2021 को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह अध्यादेश आर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी) के 76 हजार कर्मचारियों की तरफ से घोषित अनिश्चित कालीन हड़ताल को दबाने के लिए लाया गया है। अध्यादेश लागू होने के बाद हड़ताल अवैध हो गया है। ऐसा करने वालों को बिना जांच नौकरी से निकाला जा सकता है। इसके अलावा उनकी गिरफ्तारी हो सकती है और जुर्माना भी देना पड़ सकता है।

Posted By: Arvind Dubey

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 

Show More Tags



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here