उत्तराखंड के सीएम तीरथ सिंह रावत ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने अपने पद से इस्तीफे की पेशकश की है।

देहरादून। उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर से सियासी संकट गहराता दिखाई दे रहा है। दरअसल, मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शुक्रवार को इस्तीफे की पेशकश की है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सीएम तीरथ सिंह रावत ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने अपने पद से इस्तीफे की पेशकश की है। इस्तीफे की पेशकश के बाद दिल्ली से वापस देहरादून लौटे सीएम तीरथ सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सीएम तीरथ सिंह रावत ने कहा कि वे अपना इस्तीफा सौंपने के लिए कल (शनिवार) सुबह 11 बजे राज्यपाल बेबी रानी मौर्य से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा कल नया विधायक प्रमुख चुनने की योजना बना रही है।

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कल 11 बजे राज्यपाल से करेंगे मुलाकात

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत कल (शनिवार) सुबह 11 बजे राज्यपाल बेबी रानी मौर्य से मिलने उनके सरकारी आवास पर जाएंगे और अपना इस्तीफा सौंपेंगे।

सीएम तीरथ सिंह ने इस्तीफे पर साधी चुप्पी

सीएम तीरथ सिंह ने इस्तीफे की पेशकश करने के बाद देहरादून में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब उनके इस्तीफे पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इसपर चुप्पी साधी रखी.. उन्होंने इसपर कुछ भी नहीं बोला। हालांकि, अपनी सरकार के काम को गिनाया। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से कोरोना की वजह से अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है। उत्तराखंड भी इससे अछूता नहीं रहा।

’20 हजार होंगी नई नियुक्तियां’

सीएम तीरथ सिंह रावत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उत्तराखंड में 20 हजार नई नियुक्तियां की जाएंगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में रावत ने सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा की।

भाजपा विधायक दल की बैठक कल

उत्तराखंड में उपजे सियासी संकट के बीच कल (शनिवार) भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। पर्यवेक्षकों के तौर पर केंद्र मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर देहरादून जाएंगे। वहीं, आज (शुक्रवार) दिल्ली में राष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात के बाद वापस देहरादून पहुंचे सीएम तीरथ रावत जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद सीधा राजभवन पहुंचे।

गवर्नर से मांगा मिलने का वक्त

मुख्यमंत्री तीरथ रावत ने इस्तीफे की औपचारिकता पूरी करने के लिए उत्तराखंड के राज्यपाल से मिलने के लिए समय मांगा है। बताया जा रहा है कि वक्त मिलते ही तीरथ सिंह रावत गवर्नर हाउस पहुंचकर आधिकारिक तौर पर गवर्नर को अपना इस्तीफा सौंप देंगे।

मालूम हो कि तीरथ सिंह रावत उत्तराखंड के पौड़ी से लोकसभा सांसद हैं। उन्होंने इस साल 10 मार्च को मुख्यमंत्री का पद संभाला था। 10 सितंबर तक विधानसभा सदस्य निर्वाचित होना रावत के लिए एक संवैधानिक बाध्यता है। उत्तराखंड में फिलहाल विधानसभा की दो सीटें, गंगोत्री और हल्द्वानी रिक्त हैं जहां उपचुनाव कराया जाना है।

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चूंकि राज्य में अगले ही साल फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं ऐसे में अब ये संभावना कम है कि इन दोनों सीटों पर उपचुनाव होंगे। हालांकि उपचुनाव कराए जाने का फैसला चुनाव आयोग के विवेक पर निर्भर करता है। यदि वे चाहें तो करा सकते हैं।

इस्तीफे की पेशकश के पीछे ये है वजह

मालूम हो कि सीएम तीरथ रावत तीन दिनों से दिल्ली में थे। इस दौरान उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्जा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकत की। देहरादून वापस रवाना होने से पहले उन्होंने शुक्रवार को जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। पिछले चौबीस घंटों के भीतर तीरथ रावत ने दूसरी बार बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात थी। सूत्रों के अनुसार, तीरथ सिंह ने अपने इस्तीफे को लेकर जेपी नड्डा को एक पत्र सौंपा है, जिसमें उन्होंने अपने इस्तीफे की पेशकश को लेकर राज्य में संवैधानिक संकट का पैदा होना मुख्य वजह बताया है।

अपने पत्र में तीरथ सिंह ने कहा है कि आर्टिकल 164-ए के तहत मुख्यमंत्री बनने के बाद छ महीने में विधानसभा का सदस्य बनना था, लेकिन दूसरी तरफ आर्टिकल 151 के मुताबिक, यदि विधानसभा चुनाव में एक वर्ष से कम का समय बचता है तो वहां पर उप-चुनाव नहीं कराए जा सकते हैं। लिहाजा, उतराखंड में संवैधानिक संकट न खड़ा हो, इसलिए मैं मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देना चाहता हूं।













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